शारदीय नवरात्र मेले ने रविवार को मां चिंतपूर्णी धाम में अनूठा नजारा प्रस्तुत किया, जब सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। माता के दर्शन के लिए भक्तों की कतारें मंदिर परिसर से निकलकर लुधियाना धर्मशाला तक पहुंच गईं। माता के दरबार में झलक पाने को भक्तों को तीन से चार घंटे तक कतारों में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।आस्था से भरे माहौल में चिंतपूर्णी क्षेत्र 'जय माता दी' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी हाथों में नारियल, चुनरी और प्रसाद लेकर मां के दर पर हाजिरी भरने पहुंचे। भक्तों की अपार भीड़ के बीच टेंट और छाया के जो इंतजाम किए गए थे, वे नाकाफी साबित हुए, लेकिन श्रद्धा का उत्साह भक्तों के चेहरे पर बरकरार रहा।श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और होमगार्ड के जवान लगातार तैनात रहे। थाना प्रभारी जयराम शर्मा ने स्वंय जगह-जगह जाकर निरीक्षण किया और पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। भीड़ प्रबंधन और यातायात की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक टीम लगातार सक्रिय रही।अनुमान है कि देर शाम तक 20 हजार से अधिक श्रद्धालु मां चिंतपूर्णी के दर्शन करेंगे। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। मंदिर प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए हैं, जिनमें पेयजल, चिकित्सा सुविधा, प्रकाश व्यवस्था और कतारों का प्रबंधन शामिल है।