हिमाचल प्रदेश के सिख समुदाय ने सरकारी स्कूलों में पंजाबी अध्यापकों के रिक्त चल रहे पदों को भरने की मांग एक बार फिर जिला प्रशासन से की है। शुक्रवार को उपायुक्त ऊना जतिन लाल को ज्ञापन भेंट करते हुए सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस दिशा में उचित कदम उठाने का आग्रह भी किया। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाबी भाषा को दूसरी राज्य भाषा का दर्जा देने की बात कही। सिख समुदाय के नेता भूपिंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में पिछले काफी समय से पंजाबी अध्यापकों की कोई भी भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में पंजाबी सीखने वाले बच्चों को काफी परेशानी पेश आती है। जिला ऊना सहित प्रदेश के कई और जिले पंजाब की सीमा से सटे हुए हैं। पंजाब क्षेत्र में आना जाना भी होता है। इन जिलों की बोली भी पंजाब से मिलती-जुलती है। जिला में करीब 22 पंजाबी शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। प्रदेश सरकार को चाहिए कि सरकारी स्कूलों में जल्द से जल्द पंजाबी शिक्षकों की भर्ती की जाए। इसके साथ-साथ पंजाबी भाषा को हिमाचल प्रदेश में दूसरी राज्य भाषा का दर्जा दिया जाए। इस अवसर पर जोगिंद्र सिंह, तरनजोत सिंह, बलवीर सिंह, बलवंत सिंह, संजीव, तजिंद्र सिंह, दलजीत, हरदियाल सिंह व अन्य मौजूद रहे।