उपमंडल अंब के अंतर्गत चकसराय क्षेत्र स्थित गूगा जाहरवीर के पवित्र धार्मिक स्थल पर जेष्ठ माह के अंतिम रविवार को श्रद्धा और धार्मिक उत्साह के साथ विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस मेले में क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर-दराज के गांवों और अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर गूगा जाहरवीर के दरबार में शीश नवाते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मंदिर के पुजारी अमृत लाल ने बताया कि गूगा जाहरवीर धाम के प्रति लोगों की अटूट आस्था है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को जहरीला सांप या अन्य विषैला जीव काट ले तो उसे समय रहते इस पवित्र स्थान पर लाने से उसके शरीर में फैला जहर उतर जाता है। इसी धार्मिक विश्वास के चलते यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। जेष्ठ माह के रविवार को लगने वाले मेले में धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ व्यापारिक रौनक भी देखने को मिलती है। मेले में मिठाइयों, बच्चों के खिलौनों, बर्तनों, रेडीमेड कपड़ों तथा दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुओं की अनेक दुकानें सजाई जाती हैं। इन दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ती है और बच्चे विशेष रूप से खिलौनों तथा खान-पान की दुकानों का आनंद लेते हैं। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन, पुजारियों, स्थानीय लोगों और युवाओं द्वारा विशेष प्रबंध किए जाते हैं। परिसर और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाता है तथा श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की समुचित व्यवस्था भी की जाती है। स्थानीय युवाओं का सहयोग मेले के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक यह मेला क्षेत्र की पहचान बन चुका है। जेष्ठ माह के प्रत्येक रविवार को गूगा जाहरवीर धाम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ इस पवित्र स्थल के प्रति लोगों की गहरी श्रद्धा और विश्वास को दर्शाती है।