हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र में गरनी खड्ड पर पुल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। ग्राम पंचायत बैरियां में 6 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस पुल से आसपास की करीब 10 पंचायतों के 11 हजार लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पुल तैयार होने के बाद बरसात के दौरान खड्ड में पानी बढ़ने से रास्ता बंद होने की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी। नाबार्ड की ग्रामीण आधारभूत संरचना निधि (RIDF) के तहत बनाई जा रही इस परियोजना से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। अभी खड्ड में जलस्तर बढ़ने पर लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा वैकल्पिक रास्ता अपनाना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। कृष्णानगर से चकसराय होते हुए बैरियां स्थित राधा स्वामी सत्संग घर तक आवागमन को सुगम बनाने वाली इस परियोजना का शिलान्यास चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने अप्रैल 2026 में किया था। निर्माण कार्य के संबंध में फोरमैन चंद्रभान ने बताया कि पुल की सभी एप्रोच वॉल का काम पूरा हो चुका है। पुल में तीन स्पैन बनाए जाने हैं, जिनमें से एक स्पैन का काम जारी है। निर्माण कार्य पूरा होने पर क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। बैरियां पंचायत के पूर्व प्रधान बलबीर सिंह कंवर ने बताया कि गरनी खड्ड पर पुल बनाने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों, विशेषकर स्कूल जाने वाले बच्चों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। इससे न केवल समय अधिक लगता था, बल्कि आने-जाने का खर्च भी बढ़ जाता था। पुल बनने से लोगों की यह परेशानी दूर होने और बरसात के दौरान भी आवागमन आसान होने की उम्मीद है। चौकी मन्यार के प्रधान तिलक राज साहनी ने कहा कि गरनी खड्ड पर पुल बनने से आसपास की पंचायतों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। बरसात में खड्ड का जलस्तर बढ़ने से लोगों को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि पुल बनने से बैरियां, जोल, चौकी मन्यार, बड़ूही, त्याई और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिलेगा। इससे संपर्क व्यवस्था बेहतर होने के साथ ग्रामीणों के समय और पैसे की बचत भी होगी। लोक निर्माण उपमंडल जोल के सहायक अभियंता भानु ओहरी ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। विभाग की ओर से निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना को निर्धारित समयसीमा के अनुसार मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। निर्माण पूरा होने के बाद पुल को लोगों की आवाजाही के लिए उपलब्ध करवाया जा सकेगा।