कसौली में अलखदाता मेले के अवसर पर आयोजित दंगल कार्यक्रम में बच्चों की कुश्ती आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। मेला कमेटी की ओर से आयोजित इस दंगल की शुरुआत बच्चों की कुश्ती से की गई, जिसमें धर्मपुर के गोविंद पहलवान और मनु पहलवान अकादमी के बच्चों ने अपने जौहर दिखाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प मुकाबला उस समय देखने को मिला जब पंजाब के लुधियाना से कसौली घूमने आए एक सिख परिवार के बच्चे फतेहवीर सिंह चिम्मा ने कुश्ती में हिस्सा लेने की इच्छा जताई। बताया गया कि बच्चा अपने परिवार के साथ मेले में घूमने आया था और जब उसे दंगल की जानकारी मिली तो उसने खुद कुश्ती लड़ने की इच्छा व्यक्त की। पहले तो परिवार के सदस्य हैरान रह गए, लेकिन बाद में सहमति मिलने पर उसने अखाड़े में उतरकर मुकाबला किया। अखाड़े में फतेहवीर सिंह चिम्मा का मुकाबला हिमाचली पहलवान संतोष धर्मपुर के साथ हुआ। दोनों पहलवानों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला, जिसमें किसी भी खिलाड़ी को स्पष्ट बढ़त नहीं मिल सकी और कुश्ती बराबरी पर समाप्त हुई। इस मुकाबले को देखने के लिए मेले में मौजूद दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और बच्चों के हौसले की सराहना की। मेला कमेटी की ओर से दोनों बच्चों को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित भी किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में खेल भावना और परंपरागत खेलों के प्रति रुचि बढ़ाते हैं। साथ ही ग्रामीण खेल संस्कृति को आगे बढ़ाने में भी यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दंगल में मौजूद स्थानीय लोगों ने कहा कि बच्चों का यह जोश और खेल भावना आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। खासकर जब विभिन्न राज्यों के बच्चे एक साथ आकर खेल भावना का प्रदर्शन करते हैं तो यह सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करता है।