दून के पूर्व विधायक परमजीत सिंह पम्मी ने स्थानीय विधायक रामकुमार पर जमीन के तबादले को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। बद्दी में आयोजित पत्रकारवार्ता में पम्मी ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में प्लासी कलां में खड्ड किनारे स्थित जमीन का ठाकुर द्वारा मंदिर ट्रस्ट की जमीन के साथ राजनीतिक दबाव बनाकर तबादला कराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित जमीन का बड़ा हिस्सा अब खड्ड में बह चुका है, जबकि इसके बदले मंदिर ट्रस्ट की जमीन का तबादला कराया गया। परमजीत सिंह पम्मी ने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के समय विधायक इस जमीन को अपनी पत्नी के नाम कराने का प्रयास कर रहे थे। उनके अनुसार, उस समय सरकार के हस्तक्षेप के बाद मंदिर की जमीन को विधायक की पत्नी के नाम करने पर रोक लगा दी गई थी। पम्मी ने दावा किया कि अब दोबारा अधिकारियों और सरकार पर दबाव बनाकर जमीन का तबादला कराया गया है। पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि संबंधित जमीन को 12 लाख रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से बेचने की तैयारी की जा रही थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस मामले के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि, जमीन के तबादले और उसे बेचने की कथित तैयारी को लेकर लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का जवाब इस जानकारी में उपलब्ध नहीं है। पम्मी ने कहा कि भाजपा इस मामले में कथित भ्रष्टाचार को उजागर करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन के तबादले में विधायक का सहयोग करने वाले अधिकारियों की भूमिका भी सामने लाई जाएगी।