सोलन जिले की अधिष्ठात्री देवी मां शूलिनी 117 दिन बाद विधिवत रूप से गर्भगृह में विराजमान हो गई हैं। इसे लेकर मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा। गर्भगृह के जीर्णोद्धार के बाद मां शूलिनी को स्थापित करने के लिए मंदिर परिसर में 31 मार्च से अनुष्ठान चल रहा था। रोजाना विधिवत पूजा-अर्चना की जा रही थी। यह अनुष्ठान 5 अप्रैल को समापन हुए। इसके बाद मां शूलिनी को गर्भगृह में स्थापित किया गया। बता दें कि मां का दरबार काफी बेहतर और आकर्षक बनाया गया हैं। सांगवान की लकड़ी पर चित्रकारी भी की गई है। शुक्रवार को मां के मंदिर में भक्तों की काफी भीड़ रही। वहीं लोगों ने भजन-कीर्तन भी आयोजित किया। मंदिर मां शूलिनी के जयकारों से गूंजता रहा।