प्रदेश सरकार की बैकयार्ड पोल्ट्री योजना ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए घर बैठे स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। पशुपालन विभाग के माध्यम से संचालित इस योजना से जिला सिरमौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में ग्रामीण परिवार स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। योजना के लाभार्थी मुकेश ने बताया कि वह पिछले कुछ वर्षों से नाहन हैचरी से जुड़े हुए हैं। प्रत्येक हैच में उन्हें 200 से 250 चूजे प्राप्त होते हैं। उन्होंने बताया कि यहां तैयार किए गए चूजों की गुणवत्ता बेहतर होती है और उनका विकास भी तेजी से होता है। इन चूजों को पालकर वह अंडों से नए चूजे तैयार करते हैं और अंडों की बिक्री से भी उन्हें अच्छी आय प्राप्त हो रही है। सराहां निवासी प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्होंने इस योजना के तहत नाहन हैचरी से चूजे प्राप्त किए हैं। इन चूजों की देखभाल उनके परिवार की ओर से की जाएगी। उन्होंने बताया कि वह स्वयं कृषि कार्य और मजदूरी करते हैं, जबकि पोल्ट्री से संबंधित कार्य उनकी पत्नी संभालेंगी। इससे परिवार की आय में वृद्धि होगी। पांवटा साहिब निवासी उर्वशी ने बताया कि उनका परिवार प्रारंभ से ही बैकयार्ड पोल्ट्री स्कीम से जुड़ा हुआ है। इस योजना के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया है।