हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली तेज बारिश ने जिला मुख्यालय नाहन में बड़ा संकट खड़ा कर दिया। शुक्रवार सुबह बड़ा चौक स्थित जोशियों वाली गली में एक जर्जर डंगा अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गली में आ गिरीं। भूस्खलन के कारण गली पूरी तरह बंद हो गई और आसपास के कई मकानों के दरवाजे व खिड़कियां मलबे से जाम हो गईं। इसके चलते आठ परिवारों के करीब 40 लोग अपने ही घरों में फंस गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार डंगा गिरने से ऊपर की जमीन खिसक गई है, जिससे आसपास बने कई मकानों की नींव पर खतरा पैदा हो गया है। नीचे स्थित घरों पर भी मलबे का दबाव बढ़ने से नुकसान की आशंका जताई जा रही है। भूस्खलन के दौरान भारी पत्थरों की चपेट में आने से एक बिजली का पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पेयजल की मुख्य पाइपलाइन टूटने से जलापूर्ति भी प्रभावित हुई है। मलबा सड़क और पैदल मार्ग पर फैल जाने से लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि जिस डंगे के ढहने से यह हादसा हुआ, वह लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। इसके बावजूद उसी के ऊपर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए डंगे की कमजोर स्थिति से अवगत कराया था, लेकिन चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया। घटना की सूचना क्षेत्र के पार्षद और विधायक को दे दी गई है। प्रभावित परिवारों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने, मलबा हटाने और क्षेत्र में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।