सिरमौर गिरिपार के करीब पौने तीन लाख से अधिक हाटी समुदाय के लोग बूढ़ी दीवाली पर्व को मनाते हैं। गिरिपार क्षेत्र बूढ़ी दीवाली पर्व, नई दिवाली के ठीक एक माह बाद पूरे गिरिपार क्षेत्र में मनाया जाता है। रविवार को तड़के लोग जल्द उठकर अंधेरे में लोग लकड़ी की मशालें जलाकर गांव में एक जगह में एकत्रित हुए। अंधेरे में ही रासे-माला नृत्य गीत व संगीत का कार्यक्रम शुरू हुआ। ग्राम मुनाना, शालना व चौकी गांव से अलग स्थान पर एकत्र हुए। फिर वाद्य यंत्रों के साथ बड़यातु की टीम आगे चलते हुए रासे का दौर शुरू हुआ। हर गांव से होकर एनएच -707 पर पहुंचे। जहां तीन गांव के भाई बंधु मिलकर एक दूसरे के गले लगाते हुए दिवाली की बधाई देते हैं। कमरऊ पंचायत प्रधान मोहन ठाकुर, दिनेश शर्मा, मुंशी राम, भरत ठाकुर, ज्ञान प्रकाश, प्रवेश राणा, मदन सिंह, जगत तोमर, प्रेम ठाकुर, चतर ठाकुर, कपिल तोमर अनिल अत्री व रितिक ने कहा की कुछ घंटो तक पर लोकनृत्य व वीरगाथाएं गाकर लोग वापस अपने गांव के सांझा आंगन में आ जाते है। इसके बाद दिनभर लोकनृत्य का कार्यक्रम होगा। दीवाली पर्व तीन से सात दिन तक चलता है। इस दौरान बड़यातु की टीम हुड़क बजाते ही हर घर के आंगन मे जाकर नाचते गाते हुए बधाई देते हैं। दीवाली पर्व पर मुड़ा-शाकुली और बेडोली-असकली के खुशबू की महक पूरे गिरिपार में पर्व के दौरान रहेगी।