भाजपा नेता सूरत नेगी ने निगुलसरी में राष्ट्रीय राजमार्ग के 12 दिनों तक बंद रहने के लिए राज्य सरकार और लोक निर्माण विभाग मंत्री को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और कुप्रबंधन के कारण किन्नौर के सेब और मटर बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। नेगी ने मांग की है कि इस आपदा से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाए और सड़क प्रबंधन की जिम्मेदारी आईटीबीपी या सेना को सौंपी जाए। नेगी ने बताया कि 30 अगस्त से निगुरसरी में भूस्खलन के कारण सड़क बंद थी, लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि 19 घंटे के अनावश्यक ट्रैफिक जाम के कारण बागवानों का बचा हुआ सेब भी बर्बाद हो गया, जिससे उन्हें लाखों का नुकसान हुआ। उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पानी को नियंत्रित करने और उसे रास्ता देने का काम प्रशासन का था, जिसमें वे पूरी तरह से असफल रहे।