ओडी-बिथल सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और आपदा मद से उपलब्ध धनराशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से मामले की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण में कथित लापरवाही से स्थानीय लोगों की जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां प्रभावित हो रही हैं। साथ ही, उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि का ब्योरा जांचने की मांग उठाई है। संदीपनी भारद्वाज के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान कथित तौर पर नियमों के विपरीत मलबा डंप किया जा रहा है। इससे क्षेत्र के खेतों को नुकसान पहुंचने के साथ प्राकृतिक पेयजल स्रोतों और श्मशानघाटों पर भी प्रतिकूल असर पड़ने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि मलबे की अनुचित डंपिंग से स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। उन्होंने संबंधित विभागों से डंपिंग स्थलों की जांच कर यह सुनिश्चित करने की मांग की कि निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय लोगों की जमीन, प्राकृतिक जल स्रोतों और सार्वजनिक स्थलों को नुकसान न पहुंचे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की बहाली और जनसुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए उपलब्ध करवाई गई धनराशि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, तो संबंधित विभागों को मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की कि सड़क निर्माण पर खर्च की गई राशि और कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उपलब्ध धनराशि का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप हुआ है या नहीं। संदीपनी भारद्वाज ने ओडी-बिथल सड़क निर्माण की गुणवत्ता, मलबा डंपिंग के स्थानों और आपदा मद से खर्च की गई राशि की जांच करवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय लोगों के हितों और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। हालांकि, सड़क निर्माण में अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। इस मामले में संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।