परशुराम की चार ठहरियों में शुमार देवता साहिब दमुख के मंदिर परिसर में भादों मेला हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्राचीन काल से चली आ रही धार्मिक परंपरा का आज के इस आधुनिक युग में भी क्षेत्र के लोगों ने बखूबी संजोए रखा है। मेले की खासियत यह है कि साल में एक बार इस दिन देवी साहिबा गषैणी का रथ श्रद्धालुओं के दर्शन पाने के लिए विशेष तौर पर सजाया जाता है। दोपहर बाद शुरू हुआ नाटियों का दौर देर शाम तक चलता रहा। देवलुओं संग ग्रामीणों और महिलाओं ने ढोल नगाड़ों की थाप पर नाटी का लुत्फ उठाया। परशुराम मंदिर समिति प्रधान खेल चंद नेगी, महासचिव जीएल डमालू, उप प्रधान गौरी दत्त नेगी, कोषाध्यक्ष दुर्गा दत्त शर्मा, कार्यालय सचिव ज्ञान हुडन ने बताया कि मेले में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए खाने का उचित प्रबंध मंदिर समिति द्वारा किया गया था। उन्होंने बताया कि साल में एक बार श्रद्धालुओं के दर्शन पाने के लिए देवी का रथ विशेष तौर पर सजाया जाता है। देवी देवता के भव्य मिलन से मेले में पहुंचे लोग भावुक हुए। मेले की समाप्ति के उपरांत सैकड़ों लोगों ने देवी, देवता से सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।