नगर निगम मंडी के दौंधी वार्ड के बाशिदों ने एक बार फिर उन्हें निगम से बाहर करने की मांग उठाई है। इनका कहना है कि निगम के दायरे में आने के बाद इन पर विभिन्न टैक्सों का अतिरक्ति बोझ बढ़ गया है और वे इन टैक्सों को देने में पूरी तरह से असमर्थ हैं। ऐसें में इन्हें नगर निगम से बाहर किया जाए। सोमवार को इस मांग 15 नंबर दौंधी वार्ड के तहत आने वाली जनता ने उठाई है। इन वाशिदों का एक प्रतिनिधि मंडल एडीसी मंडी से भी मिला और उनके माध्यम से एक ज्ञापन भी सरकार को प्रेषित किया। वार्ड निवासी माया देवी, शांता देवी और सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें चाहल पंचायत को तोड़कर उन्हें नगर निगमें में शामिल किया गया है। जिसके बाद तीन सालों तक उनसे कोई भी टैक्स नहीं लिया गया। लेकिन अब निगम ने विभिन्न टैक्स वसूलना शुरू कर दिए हैं। गठन के समय पूर्व सरकार ने उन्हें कुछ माह बाद निगम से बाहर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब उन्हें फिर से पंचायत में शामिल नहीं किया जा रहा है। फिलहाल इनकी कूड़े की ही पर्ची काटी जा रही है। लेकिन आने वाले समय में यह टैक्स धीरे-धीरे बढ़ना शुरू होंगे। वार्ड की गरीब जनता इन टक्सों को अदा करने में पूरी तरह से असमर्थ हैं। ऐसे में उन्हें निगम की बजाय फिर से पंचायत में ही सम्मिलित किया जाएगा। दूसरा दौंधी से जिला मुख्यालय की दूरी भी अधिक होने के चलते, उनके समय की भी बर्बादी हो रही है। इन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर इन्हें निगम से बाहर नहीं किया जाता है तो इनके द्वारा जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।