वन विभाग की विरान पड़ी भूमि में भी औषधीय वाटिका का निर्माण किया जाएगा। जहां पर बुजुर्गों की महफिल सज सकेगी। जहां पर युवाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। प्रथम चरण में वन मंडल जोगिंद्रनगर के अधीन आने वाले चौंतड़ा विश्राम गृह में सुनसान पड़ी भूमि पर इसकी कवायद रोटरी समेत अन्य सामाजिक संस्थाओं ने वन विभाग की देखरेख में शुरू कर दी है। औषधीय वाटिका के निर्माण को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रोटरी क्लब की अगुवाई में वन भूमि को साफ सुथरा बनाकर यहां पर औषधीय पौधों को भी रोपा गया। अब शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों, एनएसएस, स्कॉट एंड गाइड के स्वयंसेवकों के सहयोग से यहां पर औषधीय वाटिका का निर्माण किया जाएगा। वन विभाग के अधिकारियों से ही प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह शाम सैर और व्यायाम के लिए यहां पर आधुनिक संसाधन भी उपलब्ध करवाए जाएगें। इनमें शामिल एक्यूप्रेशर ट्रैक, जिम उपकरण और छोटे बच्चों के मंनोरंजन के लिए झूले भी स्थापित होंगे। रोटरी क्लब के अध्यक्ष डॉ चंद्रभूषण शर्मा, रोटेरियन अजय ठाकुर, रामलाल वालिया, मेजर ज्ञान चंद बरवाल, सुशील पठानिया, डॉ अनिल चौहान, मुकेश, एनआर बरवाल संग मौके पर मौजूद जिला परिषद सदस्य ममता भाटिया, तलकेहड़ पंचायत की प्रधान शूचिका, अन्नपूर्णा स्वयं सहायता समूह की अध्यक्षा गीताजंली, हर्बल गार्डन में तैनात आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ रविंद्र कोंडल ने बताया कि वन विभाग के साथ संयुक्त तौर पर औषधीय वाटिका के निर्माण को लेकर श्रमदान भी रविवार को किया गया। बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से चौंतड़ा में वन विभाग के विश्राम गृह में औषधीय वाटिका के निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाएगा जहां पर बजुर्गों की महफिलें भी सज सकेगी। उधर, वन मंडलाधिकारी जोगिंद्रनगर अश्वनी शर्मा ने बताया कि चौंतड़ा में वन विभाग की भूमि पर सुंदर वाटिका के निर्माण को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों का सहयोग अपेक्षित है।