हिमाचल किसान सभा और मनरेगा श्रमिक संगठन ने सोमवार को संयुक्त रूप से विकासखंड अधिकारी बालीचौकी को मांग पत्र सौंपकर मनरेगा के तहत काम उपलब्ध न करवाने और पूर्व में किए गए कार्यों की अदायगी लंबित होने का मुद्दा उठाया। संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 13 मार्च को बाली चौकी में व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा। हिमाचल किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा ने बताया कि ग्राम पंचायत थाटा के मनरेगा कामगारों ने 10 फरवरी 2026 को विधिवत रूप से काम के लिए आवेदन किया था, लेकिन लगभग 20 दिन बीत जाने के बावजूद उन्हें रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया। मनरेगा कानून के अनुसार आवेदन के 15 दिन के भीतर काम उपलब्ध करवाना अनिवार्य है, अन्यथा आवेदक बेरोजगारी भत्ते के हकदार होते हैं। कहा कि ग्राम पंचायत बूंगजहलगाड़ और थाटा में वाटरशेड सहित अन्य मदों में नवंबर और दिसंबर माह में किए गए कार्यों की मजदूरी का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है। श्रमिकों ने इसे नियमों का उल्लंघन बताते हुए तत्काल भुगतान की मांग की। संगठनों ने विकास खंड अधिकारी से आग्रह किया कि पात्र श्रमिकों को शीघ्र काम उपलब्ध करवाया जाए और लंबित मजदूरी का भुगतान तत्काल किया जाए। प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो मनरेगा श्रमिक संगठन को बेरोजगारी भत्ते के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। विकासखंड अधिकारी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही कामगारों को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और लंबित भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। प्रतिनिधि मंडल ने यह भी चेताया कि यदि सभी श्रमिकों को काम नहीं मिलता है तो 13 मार्च को बाली चौकी में स्मार्ट मीटर और मनरेगा समाप्त करने के विरोध सहित अन्य मांगों को जोड़ते हुए प्रदर्शन किया जाएगा। मांग पत्र सौंपने वालों में मनरेगा श्रमिक संगठन इकाई थाटा के अध्यक्ष इंदर सिंह, यदुनंदन राय, देवेंद्र कुमार, मंछाराम, नेत्र सिंह तथा शामिल रहे।