गीता भवन में चल रहे दुर्लभ सत्संग व अखंड कीर्तन के आखिरी दिन प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण का शाही रथ लेकर शहर की सड़कों में उतरे रामभक्त हनुमान आकर्षण का केंद्र बन गया। पूरे लाव लश्कर के साथ शहर की परिक्रमा के दौरान सैंकड़ों राम व कृष्ण भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर शोभायात्रा में चार चांद लगाए। श्रीमद् भागवत गीता के साथ शहर में निकली इस शोभायात्रा में हरिद्वार और वृदांवन के संतों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। गीता भवन के संचालक एवं दुर्लभ सत्संग एवं अखंड कीर्तन के आयोजक ओम मरवाह, पारस ने बताया कि शहर में पहली बार शाही अंदाज में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण की झाकियां को आकर्षक बनाने के लिए विशेष रथ भी तैयार किया गया था। कहा कि महिला और पुरूषों ने इस शोभायात्रा में हिस्सा लेकर देश की संस्कृति और श्रीमद् भागवत कथा के महत्व से आम जनता को अवगत करवाया। इससे पहले गीता भवन में वृदांवन के महासंत चितरंजन दास ने दस दिवसीय दुर्लभ सत्संग के सार पर श्रद्धालुओं को अपनी मधुर वाणी से निहाल किया। आठ जून से 18 जून तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रदेश भर के लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।