मिड डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू की बैठक बालीचौकी में इंदर सिंह और भीष्म की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में मिड डे मील की समस्याओं पर गहनता से चर्चा करते हुए 20 में को होने वाली अखिल भारतीय हड़ताल की तैयारी की समीक्षा की गई। बैठक को नौजवान सभा राज्य सचिव महेंद्र राणा ने संबोधित किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि मोदी सरकार लगता श्रम कानून को बदलकर मजदूरों के हकों को छीनने की कोशिश कर रही है। श्रम कानून की जगह अब लेबर कोड लाये जा रहे हैं। लेबर कोड के माध्यम से यूनियन के पंजीकरण व सामाजिक सुरक्षा पर खतरा मंडराया है। साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार भी मिड डे मील को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। माननीय हाईकोर्ट ने 10 के बजाय 12 महीने वेतन देने का फैसला सुनाया है परंतु प्रदेश सरकार इसे लागू नहीं कर रही है। इसलिए मिड डे मील वर्कर यूनियन मांग करती है कि मिड डे मील वर्कर को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, उन्हें 10 के बजाय 12 महीने का वेतन दिया जाए, उन्हें भी बाकी कर्मचारियों की तरह छुट्टी व पेंशन की सुविधा दी जाए। इन तमाम मांगों को लेकर आने वाले 20 मई को बाली चौकी क्षेत्र के सैकड़ों मिड डे मील कर्मचारी हड़ताल में भाग लेंगे और बाली चौकी में इस हड़ताल के मौके पर विशाल रैली की जाएगी। यह जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में मिड डे मील लोक सचिव इंदर सिंह व ब्लॉक उपाध्यक्ष भीष्म ठाकुर ने संयुक्त रूप से दी। बैठक में अमर सिंह, द्रौपदी, विमला देवी, शांता देवी, कमी देवी, सुषमा देवी, टिकमु देवी सहित कई लोग उपस्थित थे। सेब उत्पादक संघ लोकल कमेटी सदस्य प्रकाश बैठक में उपस्थित थे उन्होंने भी बैठक को सेब उत्पादक संघ की तरफ से शुभकामनाएं दी।