मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में 23 करोड़ रुपये लागत की एमआरआई मशीन और 2.29 करोड़ रुपये के टर्शियरी केयर कैंसर सेंटर, लाईनेक एवं सीटी-सिम्यूलेटर मशीन का शुभारंभ किया। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में 51 करोड़ रुपये की पीईटी स्कैन मशीन ब्लॉक की आधारशिला भी रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चिकित्सा महाविद्यालय में फैकल्टी सदस्यों और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में अत्याधुनिक ऑटोमेटेड लैब्स स्थापित की जा रही हैं। इन लैब्स के माध्यम से एक ही सैंपल से कई प्रकार के टेस्ट किए जा सकेंगे, जिससे मरीजों को बार-बार सैंपल देने की आवश्यकता नहीं होगी और जांच प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक एवं प्रभावी बनेगी। कहा कि आईजीएमसी शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है। आईजीएमसी में पीईटी स्कैन के लिए प्रतीक्षा अवधि करीब एक महीने है। जबकि एम्स दिल्ली में इसके लिए मरीजों को करीब चार महीने तक इंतजार करना पड़ता है।उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय में आईसीयू की क्षमता बढ़ाने की भी बात कही। कहा कि आईसीयू में 25 से 30 अतिरिक्त बेड स्थापित किए जाएंगे, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार की क्षमता में वृद्धि होगी। कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष प्रदेश में पीजी की 320 सीटें बढ़ाने जा रही है। कहा कि टांडा चिकित्सा महाविद्यालय के साथ नेरचौक चिकित्सा महाविद्यालय में भी एसआरशिप शुरू करवाई गई है।