पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में ग्राम सभा की बैठकों के संचालन और कोरम को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दूसरे मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व जिला पंचायत अधिकारी हरि सिंह ठाकुर विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम सभा की बैठक बुलाने, कोरम पूरा करने और बैठक की आवश्यक प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से बताया। हरि सिंह ठाकुर ने कहा कि पंचायतों में होने वाली ग्राम सभा की बैठकों में अब मतदाताओं की संख्या के आधार पर कोरम का विशेष ध्यान रखना होगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि किसी पंचायत में 1000 मतदाता हैं तो पहली ग्राम सभा की बैठक के लिए कम से कम 100 मतदाताओं की उपस्थिति आवश्यक होगी। उन्होंने बताया कि दूसरी ग्राम सभा की बैठक में 50 मतदाताओं की मौजूदगी जरूरी होगी। यदि दूसरी बैठक में 50 सदस्य उपस्थित नहीं होते हैं तो भी कम से कम 30 मतदाताओं की उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे कम उपस्थिति रहने पर ग्राम सभा का कोरम पूरा नहीं माना जाएगा। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि ग्राम सभा की बैठक आयोजित करने से पहले संबंधित नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी अवश्य रखें। इससे बैठक के दौरान कोरम या अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं को लेकर किसी तरह की समस्या से बचा जा सकेगा। प्रशिक्षण शिविर में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम सभा की बैठक बुलाने की प्रक्रिया, कोरम पूरा करने तथा पंचायत से जुड़े कार्यों को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित करने की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर बीडीओ धर्मपुर सौरभ ठाकुर, पंचायत निरीक्षक संजय पराशर, एसईवीपीओ बालम राम, पंचायत सचिव सुनील बरवाल और सीओ सुरेश कौंडल सहित अन्य अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।