सूत्रधार कला संगम कुल्लू के स्वर्ण जयंती वर्ष के तहत आयोजित 19वें सूत्रधार मल्हार उत्सव का शनिवार शाम अटल सदन कुल्लू में भव्य आयोजन हुआ। वर्षा ऋतु की मधुर अनुभूतियों को समर्पित इस सांस्कृतिक संध्या में संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर शाम तक बांधे रखा। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों के साथ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साह बढ़ाया। उत्सव में सूत्रधार संगीत अकादमी के कलाकारों ने राग देश, कजरी, गजल, सुगम संगीत और लोकगीतों की प्रस्तुतियां दीं। इसके साथ ही शास्त्रीय और सेमी-क्लासिकल नृत्य ने कार्यक्रम में रंग भर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ‘देखो सखी बरसन को आये बदरा’ और ‘बरसन लागी बदरिया रूम झूम के’ की सामूहिक प्रस्तुति से हुई। वर्षा ऋतु से जुड़े इन गीतों ने माहौल को पूरी तरह मल्हार के रंग में रंग दिया। मल्हार उत्सव में कलाकारों ने भारतीय संगीत की विविध विधाओं को मंच पर प्रस्तुत किया। राग, कजरी, गजल और लोकगीतों के साथ नृत्य प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक संध्या को खास बना दिया। सूत्रधार कला संगम के स्वर्ण जयंती वर्ष में आयोजित इस उत्सव ने कुल्लू में कला और संस्कृति के प्रति लोगों की रुचि को भी सामने रखा।