कुल्लू जिले में एनालॉग यानि बिना दूध के तैयार किए गए पनीर बेचने पर अब कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग दुकानों का औचक निरीक्षण करेगा और खामियां मिलने पर विक्रेता और कंपनी पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह बात खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त अनिल शर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में अब एनालॉग यानि गैर-दुग्ध पनीर को असली पनीर बताकर बेचने, परोसने या इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। वनस्पति तेल, वनस्पति फैट और अन्य गैर-दुग्ध घटकों से बने उत्पादों को पनीर के नाम से बेचने पर एक साल तक प्रतिबंध रहेगा। स्वास्थ्य विभाग से जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति या खाद्य व्यवसाय संचालक एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध पनीर का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, आपूर्ति या बिक्री पनीर के रूप में नहीं कर सकेगा।