विद्युत पेंशनर फोरम जवाली इकाई की मासिक बैठक सोमवार को इकाई प्रधान राम लुभाया की अध्यक्षता में कल्पना पैलेस मैरा में आयोजित की गई। बैठक में मार्च 2024 के बाद रिटायर कर्मचारियों को दो साल का लंबा अरसा बीत जाने के बाद अभी तक लीव इन कैशमेंट और ग्रेजुएटी कि पेमेंट नहीं होने, संशोधित वेतनमान की बकाया राशि नहीं मिलने, पचास हजार रूपए एरियर की राशि की पहली किस्त की अदायगी न होने, 20 फीसदी ग्रेजुयटी की पेमेंट नहीं होने, वर्ष 01/01/2016 से मार्च 2022 के दौरान सेवानिवृत पेंशनरो को रिवाईज लीव इन कैशमेंट व ग्रेजुयटी न मिलने पर सामूहिक रूप से गहरा आक्रोश और गुस्सा प्रकट किया गया। इस विषय में फोरम ज्वाली ने उपरोक्त विद्युत पेंशनर फोरम के केंद्रीय नेतृत्व के प्रदेशाध्यक्ष ई.एस.गुप्ता और महामंत्री चंद्र सिंह मंडयाल को एक पत्र प्रेषित करके उपरोक्त सभी वित्तीय मांगों को लेकर हिमाचल सरकार और विद्युत बोर्ड प्रबंधक वर्ग के खिलाफ किसी बड़े आंदोलन का एलान करने की बात कही है।इस दौरान फोरम ने सरकार और प्रबंधक बोर्ड पर कड़ा हमला करते हुए बताया कि विद्युत बोर्ड में वर्ष 1990 में कर्मचारियों की संख्या 43हजार थी। और उपभोक्ता संख्या लगभग 9 लाख थी।जबकि आज कर्मचारियों की संख्या मात्र 13 हजार रह गई है और उपभोक्ता संख्या 29 लाख पर पहुंच चुकी है। आए दिन विद्युत कर्मचारी पर बढ़ते काम के बोझ और एक एक कर्मचारी पर 30 से 40 ट्रांसफार्मर की जिम्मेवारी की वजह से दुर्घटनाओं में लगातार वृद्दि हो रही हैं।इस मौके पर फोरम ने सामूहिक रूप से कहा कि स्मार्ट मीटर लगना प्रदेश में तत्काल बंद होने चाहिए।सभी ने भी स्मार्ट मीटर लगने का पुरजोर विरोध किया है। इस अवसर पर इकाई महिला सदस्य कमलेश, संदला पठानिया, हरबंस कौर, महामंत्री चंद्र सिंह मंडयाल,पंकज शर्मा, सचिव बाल कृष्ण कंदोरिया, उपसचिव इंजिनियर सुखदेव धीमान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल सिंह ठाकुर , ई चैन सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष केवल सिंह राणा, कीकर सिंह, किशोरी लाल, कोषाध्यक्ष केवल सिंह, वीर सिंह ,मुख्य संगठन सचिव ई मदन धीमान, गणेश चौधरी, मुख्य सलाहकार पूर्ण सिंह ठाकुर, अमर सिंह चौधरी, ऑडिटर ई कृष्ण धीमान सहित अन्य पेंशनरों ने भाग लिया।