शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालाजी में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। हजारों की संख्या में श्रद्धालु मां ज्वालाजी के दर्शन और अष्टमी पूजन के लिए मंदिर पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच पूजा-अर्चना की और मां का आशीर्वाद प्राप्त किया। अष्टमी के अवसर पर मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की विशेष पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने हवन-यज्ञ और कन्या पूजन किया। इसके साथ ही अनेक भक्तों ने अपने नवरात्र व्रत का समापन किया। मां ज्वालाजी को विशेष रूप से हलवे, पूरी और चने का भोग भी लगाया गया। नवरात्र की अष्टमी पर पंजाब, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्वालामुखी पहुंचे। सुबह से ही लंगर भवन से मुख्य मंदिर परिसर तक भक्तों की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर मां के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की। बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बताया कि उन्होंने अष्टमी के दिन मां ज्वाला के दर्शन किए और कन्या पूजन कर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्तों ने मंदिर में दर्शन और व्यवस्थाओं पर संतोष भी जताया। मंदिर के पुजारी एवं न्यास सदस्य अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि अष्टमी पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन श्रद्धालु मां को भोग लगाते हैं, हवन-यज्ञ करते हैं और कन्या पूजन के बाद अपने नवरात्र अनुष्ठान पूरे करते हैं। नवरात्र के दौरान मंदिर प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न इंतजाम किए गए। इनमें तीन समय लंगर, चिकित्सा शिविर, सफाई, पीने के पानी और पंक्तिबद्ध दर्शन की व्यवस्था शामिल रही। श्रद्धालुओं के लिए विशेष फलाहार का भी आयोजन किया गया। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों ने व्यवस्थाओं को अच्छा बताया। अष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं और श्रद्धालु मां ज्वालाजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते रहे।