जो मजदूर इस देश के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं आज उन्हीं मजदूरों को मुख्यमंत्री के गृह जिला में पंजीकरण करवा कर सुविधा लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है । मजदूर सुबह 4 बजे से ही हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के कार्यालय के बाहर लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं लेकिन फिर भी उनका काम नहीं हो पता है । यह बात पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कामगार कल्याण बोर्ड के कार्यालय पर मजदूरों से उनकी समस्या को जानने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए कही । राणा ने कहा कि बड़े ही दुख की बात है कि मजदूरों को सुविधा पाने के लिए भटकना पड़ रहा है। पूरे जिले में सिर्फ हमीरपुर में ही कामगार कल्याण बोर्ड का कार्यालय है जबकि पूर्व में हर ब्लॉक पर यह कार्यालय थे और वहां नजदीक ही मजदूरों को अपना काम करवाने की सुविधा मिलती थी लेकिन अब यह सुविधा भी मुख्यमंत्री के गृह जिला में मजदूरों से छिन चुकी है। राणा ने कहा कि वह मजदूरों के साथ है और जरूरी हुआ तो उनके हक के लिए लड़ाई भी लड़ेंगे । उन्होंने कहा कि कार्यालय में जो आउटसोर्स कर्मचारी रखे थे उन्हें भी निकाल दिया गया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में लोगों की भर्ती नहीं की गई है जिसकी वजह से लोगों के काम नहीं हो रहे हैं और उन्हें बार-बार कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।