हमीरपुर से नाल्टी तक करीब 30 से 40 मिनट में पूरा होने वाला सफर निजी बसों की धीमी रफ्तार और जगह-जगह अनावश्यक ठहराव के कारण डेढ़ से पौने दो घंटे में पूरा हो रहा है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को ग्राम पंचायत नाल्टी के दौड़वीं गांव पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के समक्ष ग्रामीणों ने यह समस्या उठाई और बसों की समय-सारिणी तथा संचालन व्यवस्था में सुधार की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि बसों के लंबे ठहराव और धीमी गति के कारण लोगों का काफी समय रास्ते में ही बीत जाता है। इससे विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने, कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाने और महिलाओं व बुजुर्गों को जरूरी काम निपटाने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों ने मांग की कि निजी बसों के संचालन की व्यवस्था की समीक्षा कर समयबद्ध परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। बैठक के दौरान ग्रामीणों ने नाल्टी सहकारी समिति से जुड़ी समस्या भी प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने घास, दूध और अन्य साधनों से कमाई गई राशि समिति में जमा करवाई थी। अब जरूरत के समय उन्हें अपनी ही जमा धनराशि नहीं मिल रही है। इसको लेकर ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने समिति में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और उनकी जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि समिति में जमा राशि ग्रामीणों की मेहनत की कमाई है और उसे वापस पाने के लिए उन्हें भटकना पड़ रहा है। इस दौरान नाल्टी को कमलाह से जोड़ने के लिए संपर्क मार्ग बनाने की मांग भी रखी गई। ग्रामीणों का कहना था कि संपर्क मार्ग बनने से आसपास के गांवों को निर्माणाधीन चिकित्सा महाविद्यालय तक पहुंचने के लिए छोटा रास्ता उपलब्ध हो जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और समय की भी बचत होगी। डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कई छोटे मामलों का मौके पर ही समाधान करवाया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि परिवहन व्यवस्था, सहकारी समिति और संपर्क मार्ग से जुड़ी उनकी मांगों पर भी जल्द कार्रवाई होगी।