मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के तंज और उस पर भाजपा विधायक एवं न्यूरोसर्जन डॉ. जनक राज के पलटवार के बीच बुधवार को नादौन के गीता भवन में आयोजित चिकित्सा शिविर में उस समय माहौल तनावपूर्ण और असहज हो गया, जब मरीजों की जांच कर रहे डॉ. जनक राज के बीच पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई। अधिकारियों ने शिविर लगाने की अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे तो डॉ. जनकराज ने उन्हें तलाड़ दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे मुख्यमंत्री के प्रति नहीं, जनता के प्रति जवाबदेह बनें। मौके पर काफी संख्या में मरीज मौजूद होने के कारण कुछ देर तक गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही। डॉ. जनक राज ने कहा कि संस्था ने शिविर की अनुमति के लिए समय रहते आवेदन किया था, लेकिन अनुमति देने में देरी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिविर न होने देने के लिए दबाव बनाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जनहित में लगाए गए चिकित्सा शिविर से आखिर किसे परेशानी है। बातचीत के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके से लौट गए।