करवाचौथ और दीवाली के त्योहार नजदीक आते ही बाजार में मिट्टी के करवे और दीये सजने लगे हैं। त्योहारों पर पूजा-पाठ और पारंपरिक रीति-रिवाजों में मिट्टी के बर्तनों का विशेष महत्व है। ऐसे में बाजार में सामान्य करवे के साथ डिजाइनदार करवे भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। दुकानदारों को उम्मीद है कि त्योहारों के करीब आने के साथ ग्राहकों की आवाजाही बढ़ेगी और कारोबार में तेजी आएगी। हमीरपुर के बाजार में लोगों की पसंद और बजट को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के करवे की विभिन्न किस्में उपलब्ध हैं। सामान्य करवे की कीमत 20 रुपये से शुरू हो रही है, जबकि डिजाइनदार करवे 50 रुपये से मिल रहे हैं। लोग अपनी पसंद और बजट के अनुसार इनकी खरीदारी कर रहे हैं। करवाचौथ के अवसर पर मिट्टी के करवे की मांग रहती है। वहीं, दीवाली पर घरों और पूजा स्थलों को रोशन करने के लिए मिट्टी के दीये खरीदे जाते हैं। दीवाली की तैयारियों के लिए बाजार में मिट्टी के दीये भी उपलब्ध हैं। इनकी कीमत 20 रुपये दर्जन से शुरू हो रही है। पारंपरिक मिट्टी के दीये त्योहार की सजावट और पूजा-पाठ का अहम हिस्सा हैं। लोग घरों और पूजा स्थलों को सजाने के लिए इनकी खरीदारी करते हैं। मिट्टी के करवे और दीये बनाने के कारोबार से जुड़े लोग स्वयं इनका निर्माण कर बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध करवाते हैं। फिलहाल दुकानदार बाजार में मांग को सामान्य बता रहे हैं, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि करवाचौथ और दीवाली नजदीक आने के साथ खरीदारी में तेजी आएगी। त्योहारों के दौरान मिट्टी के करवे और दीयों की मांग बढ़ने से कारोबारियों को अच्छे व्यापार की उम्मीद है।