हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड संयुक्त एक्शन कमेटी जिला हमीरपुर की बैठक संयोजक कामेश्वर दत्त शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बिजली संशोधन विधयक 2025 और उसके प्रावधानों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बिजली संशोधन विधेयक में ऐसे कई प्रावधान शामिल हैं, जो कि उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डालेंगे। कर्मचारियों और पेंशनरों की सेवा व सामाजिक सुरक्षा प्रभावित होगी। विधेयक के खिलाफ 12 फरवरी को समूचे प्रदेश में पेन डाउन हडताल व भोजन अवकाश के दौरान बोर्ड कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया है। लाभ कमाने के उद्देश्य से कंपनियां सस्ती बिजली देने के बजाए मुनाफे को प्राथमिकता देगी। इससे घरेलू कृषि और छोटे उपभोक्ताओं की बिजली महंगी होगी। स्मार्ट मीटरों से प्रदेश के उपभोक्ताओं पर इसके भारी भरकम खर्च का बोझ पड़ेगा। इसके साथ प्रीपेड व्यवस्था से निर्धन और सीमित आय वाले उपभोक्ताओं को बिजली उपयोग से पहले भुगतान करने का दबाव होगा। मल्टी लाइसेंस व्यवस्था से निजी कंपनियां लाभ वाले क्षेत्रों को चुनेंगी। घाटे वाले ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्र सरकारी कंपनियों पर छोड़ दिए जाएगें। इससे बिजली बोर्ड आर्थिक रूप से कमजोर हो जाएगा जिसका सीधा असर इसके कर्मचारियों, पेंशनरों व उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। निजीकरण और ढांचागत बदलावों से कर्मचारियों की नौकरी, सेवा शर्तों, पेंशन और भविष्य की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस अवसर पर कुलदीप सिंह, मनोहर लाल, प्रशांत, नितीश भारद्वाज, दीपक चौहान, सुनील दत्त आदि मौजूद रहे।