ग्राहक सेवा केंद्र सेवाओं के संचालकों ने गुरुवार को अपनी कंपनी के खिलाफ विजिलेंस धर्मशाला को ज्ञापन सौंपा। संचालकों राजिंद्र, मोहन शर्मा, रविंद्र कुमार और अवतार सिंह ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सेवाओं, ग्राहक लेनदेन और अन्य देय भुगतानों के लिए सीएसपी को दी जाने वाली राशि को अवैध रूप से रोक लिया है या उसका दुरुपयोग किया है। कई बार अनुरोध करने के बावजूद, देय राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी हमारे भुगतानों से टीडीएस काट रही है। साथ ही एग्रीमेंट, बीमा, जीपीएस डिवाइस आदि के नाम पर भी पैसे काट रही है, लेकिन कंपनी ने इसे आयकर विभाग में जमा नहीं किया है और न ही वैध टीडीएस प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है। यह वित्तीय धोखाधड़ी और कर चोरी का मामला है। उन्होंने मांग उठाई की इस मामले में जांच की जाए।