राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कुम्हारका में बुधवार को एनएसएस शिविर के समापन अवसर पर स्वयं सेवियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर खूब वाहवाही लूटी। स्वयंसेवियों ने पहाड़ी नाटी, हरियाणवी गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। नशा मुक्त समाज पर प्रस्तुत लघु नाटिका मुख्य आकर्षण रही। हंसिका ने देश भक्ति गीत पेश किया। कुम्हारका विद्यालय में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर के समापन अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य राजेश कश्यप विशेष रूप से मौजूद रहे। स्वयं सेवियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि एनएसएस का उद्देश्य राष्ट्रीय भावना और सामाजिक सद्भाव का अभ्यास करना है। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। एनएसएस की शुरुआत 24 सितंबर 1969 में हुई थी। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है।लीडरशिप क्वालिटी और प्रशासनिक कुशलता आती है। वह एक अच्छा नागरिक बनता है। केंद्र सरकार की यह योजना युवाओं के लिए खासी लाभदायक है। इस मौके पर शिक्षक कमलजीत सिंह, देवेंद्र दियोड़़, आबिदा खान, चंदन सहगल, सुनीता, प्रवीण, कमलेश, सोनिका, रीना, आशीष, सनी समेत स्वयंसेवक सिया, आंचल, सबनम, यामिनी सहित स्कूल का तमाम स्टाफ मौजूद रहा। यह जानकारी एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी मनजीत कुमार ने दी।