मणिमहेश यात्रा के दौरान स्थानीय टैक्सी चालकों से बार-बार ग्रीन टैक्स वसूले जाने को लेकर रोष बढ़ता जा रहा है। टैक्सी चालकों का कहना है कि यात्रा के दौरान हर बारिंग या पासिंग पर उनसे ग्रीन टैक्स लिया जा रहा है, जबकि यात्रियों से इस अतिरिक्त शुल्क की भरपाई के लिए अलग से किराया नहीं मिल रहा। इससे वाहन चालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। टैक्सी चालकों के अनुसार मणिमहेश यात्रा के दौरान उन्हें यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए कई बार आवाजाही करनी पड़ती है। ऐसे में प्रत्येक बार ग्रीन टैक्स चुकाने से उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा इसी में खर्च हो रहा है। चालकों ने प्रशासन से इस व्यवस्था की समीक्षा कर स्थानीय टैक्सी ऑपरेटरों को राहत देने की मांग उठाई है। चालकों का कहना है कि अधिकांश लोगों ने बैंक से ऋण लेकर टैक्सी वाहन खरीदे हैं। वाहन की किस्त, ईंधन, रखरखाव और परिवार के खर्च की जिम्मेदारी भी इसी आमदनी से पूरी होती है। ऐसे में यात्रा के दौरान बार-बार ग्रीन टैक्स की वसूली उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव पैदा कर रही है। मामले को लेकर टैक्सी चालकों ने उपायुक्त चंबा को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने प्रशासन से ग्रीन टैक्स वसूली की व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और स्थानीय टैक्सी चालकों को राहत देने की मांग की है। टैक्सी चालकों ने प्रशासन को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित अवधि के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। चालकों ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर चक्का जाम करने का निर्णय भी लिया जा सकता है। टैक्सी चालक अनिल कुमार, अजीत शर्मा, नीतीश चोना, अक्षय कुमार और अनिल कुमार ने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर ग्रीन टैक्स की वसूली व्यवस्था में आवश्यक बदलाव करने की मांग की है।