जंगल में घायल अवस्था में पड़ी चील (रेड काईट) के लिए शम्मी कुमार उस समय जीवन रक्षक बना। जब वह अपने लापता बकरे को तलाश करता हुआ रजेरा के पास जंगल में पहुंचा। जहां पर उसकी नजर झाड़ियों में घायल चील पर पड़ी। उसने उस चील को पकड़ा और अपने लापता बकरे को ढूंढने की बजाए वन विभाग के कार्यालय में जाकर पहुंचाया। जहां पर अब उसका उपचार होगा। शम्मी कुमार ने बताया कि यदि वह समय पर नहीं पहुंचता तो शायद कुत्ते या अन्य जानवर इस घायल चील को अपना शिकार बना सकते थे। उसके इस कार्य की वन विभाग ने सराहना की है।