बिलासपुर में पर्यटन को नई पहचान देने और जल क्रीड़ा गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस वर्ष तीन दिवसीय वाटर स्पोर्ट्स महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव 10 से 12 अक्तूबर तक होगा। इस दौरान देशभर से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और पर्यटक बिलासपुर पहुंचेंगे। इस महोत्सव में ड्रैगन बोट रेस, कयाकिंग और कैनोइंग प्रतियोगिताएं आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगी। कयाकिंग और कैनोइंग की प्रतियोगिताएं कोलडैम में आयोजित होंगी, जबकि ड्रैगन बोट रेस गोबिंद सागर झील में लुहणू मैदान से मंडी भराड़ी पुल के बीच कराई जाएगी। जिला प्रशासन का कहना है कि इन प्रतियोगिताओं से प्रतिभागियों और दर्शकों को रोमांचक अनुभव मिलेगा और बिलासपुर जल क्रीड़ाओं का नया केंद्र बनकर उभरेगा। इसी सिलसिले में जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में आयोजन के स्वरूप, स्थलों, बजट और विभिन्न समितियों के गठन पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने बताया कि महोत्सव पर्यटन, खेल, व्यापार और रोजगार सृजन सोसायटी के तत्वावधान में आयोजित होगा। आयोजन को विशेष पहचान देने के लिए इसे आकर्षक नाम और प्रतीक चिन्ह दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गोबिंद सागर झील का प्राकृतिक सौंदर्य और कोलडैम का जल क्षेत्र इस आयोजन को और खास बनाएगा। इस तरह के आयोजन न सिर्फ पर्यटन को नई दिशा देंगे, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन होगा और बजट का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही व्यापार मंडल, सिविल सोसाइटी और स्वैच्छिक संस्थाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि यह महोत्सव सामूहिक उत्सव का रूप ले सके। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर, विभिन्न विभागों के अधिकारी, गोबिंद सागर जल क्रीड़ा संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।