संस्कार सोसायटी घुमारवीं ने प्रबुद्ध नागरिकों के साथ मिलकर एसडीएम घुमारवीं के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में बढ़ते चिट्टा के नशे की रोकथाम के लिए कठोर और प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। ज्ञापन में नशे के आदी युवाओं के पुनर्वास के लिए समुचित चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने, चिट्टा बेचने वाले स्थानीय, बाहरी तस्करों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू करने और इस अपराध को गैर-जमानती बनाने की सिफारिश की गई। इसके अलावा जांच प्रक्रिया को प्रभावी बनाकर दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने और जनभावनाओं के अनुरूप आवश्यक कानूनी बदलाव करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। संस्कार सोसायटी ने मांग की कि प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एबोन किट उपलब्ध करवाई जाए, जिससे अभिभावक अपने बच्चों की समय पर जांच कर सकें। साथ ही शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के समय छात्रों से नशे से बचने का शपथ-पत्र लिया जाए। सरकारी और गैर-सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति सुधारने के लिए संबंधित विभागों की ओर से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करने और यदि कोई सरकारी कर्मचारी नशे की तस्करी में संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की भी मांग उठाई गई। साथ ही जिला स्तर पर नशा निवारण और परामर्श केंद्रों की स्थापना कर पीड़ितों को नजदीक ही उपचार सुविधा उपलब्ध कराने और पंचायत और गांव स्तर पर खेल के मैदान, पुस्तकालय और अन्य रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित कर युवाओं को नशे से दूर रखने का सुझाव भी ज्ञापन में शामिल किया गया।