एम्स बिलासपुर में वर्ल्ड ग्लूकोमा सप्ताह के अवसर पर लोगों को आंखों की सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों ने समय-समय पर आंखों की जांच करवाने का संदेश दिया। चिकित्सकों ने बताया कि ग्लूकोमा यानी काला मोतिया एक मौन खतरा है, जो शुरुआती चरण में अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ता रहता है और समय पर इलाज नहीं होने पर आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है। इसलिए नियमित जांच करवाना जरूरी है। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने काला मोतिया के कारण, लक्षण और इसके उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि समय पर जांच और सही इलाज से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जागरूकता बढ़ाने के लिए लघु नाटक (स्किट) का मंचन किया गया और एम्स परिसर में रैली का आयोजन भी किया गया, इसमें डॉक्टर, अस्पताल स्टाफ और मरीज शामिल हुए। रैली के माध्यम से ग्लूकोमा और आंखों की नियमित जांच के महत्व का संदेश सभी उपस्थित लोगों तक पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की कि स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं, आंखों की नियमित जांच करवाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयों का सेवन करें। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही ग्लूकोमा से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। विश्व ग्लूकोमा सप्ताह 8 से 14 मार्च तक मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है।