उपमंडल सदर के मंगरोट में शिमला-धर्मशाला हाईवे को लेकर चल रहा भूमि विवाद बुधवार को फिर से गरमा गया। राजन कांत शर्मा ने अपनी 17 बिस्वा निजी भूमि पर हाईवे गुजरने के विरोध में एकतरफा तौर पर हाईवे को बंद कर दिया। यह कदम तब उठाया गया जब निशानदेही रिपोर्ट में भूमि निजी निकलने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजन कांत ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने उनकी जमीन पर हाईवे निकाल दिया है, जिसकी पुष्टि तहसीलदार सदर द्वारा की गई निशानदेही में हो चुकी है। इसके बावजूद न तो कब्जा हटाया गया और न ही उनकी शिकायत पर कोई कानूनी कार्रवाई हुई। मजबूरन उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी वह सदर थाना में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। अब जब रिपोर्ट स्पष्ट कर चुकी है कि हाईवे उनकी मां के नाम दर्ज 17 बिस्वा भूमि से होकर निकला है, तो प्रशासन की चुप्पी हैरान करने वाली है। दिसंबर 2022 में भी इस विवाद को लेकर प्रशासन ने राजन कांत का खोखा हटाया था। मार्च 2023 में दोबारा खोखा लगाने के बाद निशानदेही का वादा कर मामला शांत किया गया था। अब हाल ही में जनवरी में चार दिन तक चली निशानदेही प्रक्रिया के बाद यह रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें राजन कांत का दावा सही पाया गया। बुधवार को जब कोई राहत नहीं मिली तो उन्होंने अपनी भूमि पर बने हिस्से में हाईवे को एकतरफा बंद कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ है।