घुमारवीं में हर साल आयोजित होने वाला सीर उत्सव इस बार 2 और 3 अक्तूबर को होगा। उत्सव का मुख्य उद्देश्य लोक कला, संस्कृति और पर्यावरण का संरक्षण व संवर्धन करना है। खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर घुमारवीं में उत्सव को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री धर्माणी ने कहा कि इस बार उत्सव का थीम नेचर-नर्चर रखा गया है। उन्होंने कहा कि इसके तहत खेलकूद, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के जरिए लोगों को प्रकृति के महत्व से जोड़ा जाएगा। सीर शब्द के कई अर्थ हैं, जिनमें आध्यात्मिकता और निरंतरता की भावना भी निहित है। इसी संदेश के साथ इस उत्सव के माध्यम से न केवल प्रकृति का संरक्षण बल्कि नई पीढ़ी को परंपरागत कला और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। बताया कि जिले में अधिकांश मेले व उत्सव वसंत या ग्रीष्म ऋतु में होते हैं, जबकि सीर उत्सव वर्षा ऋतु के कठिन दौर के बाद समाज में गतिशीलता व उत्साह का संचार करेगा। इसी के तहत युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश देते हुए वॉलीबाल, बास्केटबाल और कबड्डी प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। बच्चों, महिलाओं और वृद्धजनों को भी थीम आधारित विभिन्न गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही समाज में मानवता व सेवा कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा ताकि वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन सकें। उत्सव में विभिन्न विभाग सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी लगाएंगे और प्राकृतिक उत्पादों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा हेल्थ चेकअप शिविर तथा आयुष विभाग द्वारा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। राजेश धर्माणी ने कहा कि उत्सव में लोगों को आपदा राहत कोष में योगदान देने के लिए आपदा राहत कोष क्यूआर कोड को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। उत्सव के सफल आयोजन हेतु विभिन्न उप-समितियों का गठन किया जाएगा। बैठक में एसडीएम गौरव चौधरी ने आयोजन की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर एपीएमसी अध्यक्ष सतपाल, नगर परिषद अध्यक्ष रीता सहगल, उपाध्यक्ष श्याम शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी उपस्थित रहे।