पूर्व कर्मचारी नेता गोपाल दास वर्मा ने कहा कि जो व्यवस्था परिवर्तन आज प्रदेश में चल रहा है, उसका सुधार आगामी 20 से 25 वर्ष में भी नहीं होगा। कर्मचारी, युवा और पेंशनरों की अनेदखी प्रदेश में की जा रही है जो गलत है। बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि उनकी आवाज हो दबाने का आज भरपूर प्रयास किया जा रहा है। मीडिया को उनकी बात सबके सामने रखने से रोका जा रहा है। कहा कि आज प्रदेश की जे हालत हुई है उसके लिए प्रदेश सरकार जिम्मेदार है और कांग्रेस हाईकमान आंखे मूंद कर बैठी हुई है। अगर यही हाल रहा तो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस दूर-दूर तक नजर नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता और मंत्री सरकार के नियंत्रण से बाहर हैं और आए दिन अधिकारियों पर दादागिरी दिखा दे रहे हैं। कहा कि प्रदेश सरकार में केवल विक्रमादित्य सिंह है जो बेहतर कार्य कर रहे हैं। वह केंद्र सरकार से पैसा लाकर प्रदेश में बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने शीघ्र ही प्रदेश में परिवर्तन नहीं किया जो इसके परिणाम उन्हें झेलने पड़ेंगे। कहा कि हाल ही में वरिष्ठ अधिकारी ओंकार शर्मा ने जब रिपोर्ट न्यायालय में पेश की तो सरकार ने उनसे विभाग कई विभाग वापस ले लिए। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार तानाशाही पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिले और उनसे आग्रह किया कि जिन प्रदेश में जिन लोगों पर ईडी और सीबीआई के मामले हुए हैं, उप पर शीघ्र कार्रवाई की जाए।