प्रदेश में बागवानी को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से घुमारवीं में एक भव्य क्रेता-विक्रेता मिलन समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश बागवानी विभाग द्वारा एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से संचालित हिमाचल प्रदेश सब-ट्रॉपिकल हॉर्टिकल्चर, इरिगेशन एंड वैल्यू एडिशन प्रोजेक्ट के अंतर्गत आयोजित किया गया। समारोह में बागवानी विभाग हिमाचल प्रदेश के निदेशक विनय सिंह (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि एचपी शिवा परियोजना के परियोजना निदेशक डॉ. देविंदर सिंह ठाकुर विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम में किसानों, उत्पादकों, विपणन विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों की बड़ी भागीदारी रही। इसका उद्देश्य किसानों को फलों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, मूल्य निर्धारण और विपणन की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना रहा। यह मंच किसानों और खरीदारों के बीच पारदर्शी और दीर्घकालिक व्यापारिक संबंध स्थापित करने का माध्यम बना। विशेषज्ञों ने बताया कि अब फलों की ग्रेडिंग में साइज-सेन्सिंग मशीनों, रंग आधारित छंटाई और मैनुअल क्वालिटी चेकिंग का प्रयोग हो रहा है। इन तकनीकों से उत्पाद की गुणवत्ता में सुधार आता है और किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने फलों के उचित मूल्य निर्धारण, मौसम जनित नुकसान, छोटे अथवा असामान्य फलों की बिक्री और कीट-रोग नियंत्रण जैसी समस्याएं सामने रखीं। इन मुद्दों पर विशेषज्ञों और अधिकारियों ने सीधा संवाद कर समाधान सुझाए। विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि बाजार में मूल्य निर्धारण के पीछे उत्पाद की ग्रेड, मांग, आपूर्ति और परिवहन लागत के साथ कई कारक होते हैं। अब ये जानकारी उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से समय पर उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे वे बेहतर निर्णय ले सकें। यह आयोजन एचपी शिवा के अंतर्गत गठित मार्केटिंग कमेटी ने किया, जिसके अध्यक्ष डॉ. संजय गुप्ता, उप निदेशक उद्यान मंडी हैं। इसमें बिलासपुर, मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर जिलों से लगभग 80 बागवानों ने भाग लिया। 10 खरीदार मौके पर मौजूद रहे, जबकि चंडीगढ़, मुंबई, श्रीनगर, उत्तराखंड और दिल्ली से 15 खरीदार ऑनलाइन माध्यम से समारोह में जुड़े। उद्यान विभाग से डॉ. राजेश्वर परमार , डॉ. माला शर्मा और डॉ. कमलशील नेगी समेत चार जिलों के उप निदेशक भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।