मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से घुमारवीं के युवक अजय कुमार ने अपने जीवन की दिशा बदली और अब वह अन्य युवाओं के लिए मिसाल बन गए हैं। योजना से प्राप्त दो लाख रुपये की सहायता से अजय ने एक आधुनिक डेंटल लैब की स्थापना की। शनिवार को तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने अजय की डेंटल लैब का दौरा किया और उनके प्रयासों की सराहना की। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना प्रदेश सरकार की एक मानवीय पहल है, जो जीवन में कठिन दौर से गुजर रहे युवाओं को नई शुरुआत का अवसर देती है। उन्होंने कहा कि अजय कुमार की सफलता इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार की योजनाएं जरूरतमंदों तक सही तरीके से पहुंचती हैं, तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की ताकत रखती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आजीविका जैसे पहलुओं को भी कवर करती है, जिससे लाभार्थियों को समग्र सहयोग मिल सके। इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। मंत्री धर्माणी ने अजय को बधाई देकर कहा कि प्रदेश सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है और सुख आश्रय योजना के माध्यम से हिमाचल को सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में देशभर में उदाहरण बनाया जा रहा है।