सोनीपत। मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) के विरोध में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन के सदस्यों ने वीरवार को सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में धरना दिया और उप सिविल सर्जन डॉ. अनीता सहारण को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें एमपीएचडब्ल्यू वर्ग को ऑनलाइन तबादला नीति से बाहर रखने की मांग की गई। जिला सचिव राज कुमार नैय्यर ने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता के नाम पर यह नीति लागू की थी। अब रेशनलाइजेशन के तहत कई जिलों में बड़ी संख्या में पद समाप्त किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। बड़े पैमाने पर तबादले होने से यह व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। नए क्षेत्र में लोगों के साथ तालमेल बनाने में भी समय लगेगा। राज्य महासचिव सहदेव सांगवान ने कहा कि एमपीएचडब्ल्यू वर्ग में महिला कर्मचारी भी हैं। दूर-दराज के जिलों में तबादले होने से उन्हें आवास और सुरक्षा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। परिवार और बच्चों से दूर रहने की परेशानी भी उठानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों एमपीएचडब्ल्यू डिप्लोमाधारक सीईटी पास करने के बावजूद बेरोजगार हैं। स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। सर्व कर्मचारी संघ के संयुक्त सचिव नवीन नरवाल ने सभी रिक्त पद नियमित भर्ती से भरने की मांग की। साथ ही कर्मचारियों को राहत देने के लिए ऑफलाइन तबादलों का विकल्प खोलने की अपील की। एसोसिएशन ने 16 अक्तूबर को प्रदेशव्यापी रोष प्रदर्शन करने का एलान किया है। कर्मचारी सभी जिलों में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। इस दौरान गुणवती, उर्मिल, कांता, सुषमा, संजय, आनंद, सुनील, जोगेंद्र, प्रवीण, मनीष दहिया, मंजीत कादयान, कमलजीत और नितिन मौजूद रहे।