शहर को जाम मुक्त करने के लिए लागू किए गए ऑड-ईवन पर ऑटो यूनियन ने एक बार फिर आपत्ति जाहिर की है। यूनियन के प्रधान का कहना है कि शहर में लागू किए गए ऑड-ईवन को बिना किसी नोटिफिकेशन के ही लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जानकारी मांगी तो प्रशासन ने पुलिस को पत्र भेजकर सूचना देने को कहा है। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन ऑड-ईवन को तत्काल वापस ले। जिससे ऑटो चालकों को राहत मिले। वीरवार को यूनियन के प्रधान नरेश डाहर ने सीटू कार्यालय में प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि एक सितंबर को शहर का जाम से मुक्त करने के लिए ऑटो व ई-रिक्शा चालकों पर ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू किया गया था। जिसका यूनियन ने काफी विरोध किया और चक्का जाम कर हड़ताल भी की थी। उस समय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने यूनियन के साथ बात कर ऑड-ईवन को हटाने की बात कही थी। लेकिन, बाद में ऑड-ईवन फॉर्मूले को वापस नहीं लिया गया था। उन्होंने बताया कि आरटीआई में प्रशासन ने ऑड-ईवन को लागू करने का नोटिफिकेशन मांगा गया था। प्रशासन की ओर से नगराधीश ने आरटीआई का जवाब देते हुए कहा कि यह मामला पुलिस ने जुडा है और उन्होंने एसपी को पत्र लिख दिया। नरेश डाहर का आरोप है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना किसी नोटिफिकेशन के जबरन ही यह फॉर्मूला लागू कर दिया था। उन्होंने ऑड-ईवन को वापस लेने की गुहार लगाई है।