पानीपत में नौल्था-डिडवाड़ी मोड पर गश्त कर रही ईआरवी की गाड़ी पर तैनात पुलिस कर्मियों पर गंडासी से हमला कर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान अजय उर्फ शक्तिमान निवासी नौल्था के रूप में हुई। उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश वत्स ने बताया कि आरोपी ने वारदात में शामिल फरार अपने साथी आरोपी संदीप निवासी नौल्था के साथ मिलकर उक्त वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा। वारदात में प्रयुक्त गंडास बरामद कर बुधवार को पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वारदात में शामिल फरार आरोपी संदीप को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उप पुलिस अधीक्षक सतीश वत्स ने बताया कि थाना इसराना में ईआरवी 541 पर तैनात ईएसआई सुबेराज ने शिकायत देकर बताया था कि 19 नवम्बर की देर शाम वह सिपाही चालक भूपेंद्र के साथ गश्त के दौरान नौल्था में डिडवाड़ी मोड़ पर मौजूद था। उनके पास दो युवक आए। जिनमें से एक के हाथ में गंडास था। उन्होंने युवकों से पूछा क्या बात है। युवकों ने कहा उसके भाई को गोली मार दी है। यह कहकर दोनों युवक उनको अपनी दुकान पर ले गए। वहा पहुंचकर मामले की जांच की तो गोली चलने की बात झूठी निकली। दोनों युवकों ने शराब का सेवन किया हुआ था। उन्होंने झूठ बोलने का कारण पूछा तो दोनों लड़के तैश में आकर उनको गाली-गलौच करने लगे और एक आरोपी ने जान से मारने की नियत से उनके ऊपर गंडास से हमला कर दिया। गंडास ईआरवी के खिड़की के शीशे पर लगा और शीशा टूट गया। आरोपी उनके ऊपर दोबारा से प्रहार करने लगा तो उन्होंने गंडास पकड़ लिया। दोनों आरोपी जान से मारने की धमकी देकर मौके से भागने लगे। उनमें से एक आरोपी को उन्होंने मौके पर ही पकड़ लिया। दूसरा आरोपी भागने में कामयाब हो गया। पकड़े गए आरोपी ने अपनी पहचान अजय उर्फ शक्तिमान पुत्र धर्मबीर निवासी नौल्था व भागने वाले अपने साथी आरोपी की पहचान संदीप निवासी नौल्था के रूप में हुूई। थाना इसराना में ईएसआई सूबेराज की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई।