इस बार सरसों खरीद के लिए केवल उसी किसान को टोकन नंबर दिया जाएगा, जिसके नाम से एमएफएमबी पोर्टल पर पंजीकरण दर्ज हैं। वहीं किसान का अंगूठा लगाकर बारकोड स्कैन किया जाएगा। साथ ही गेटपास जारी करने के लिए क्यूआर कोड जनरेट भी मंडी गेट पर ही किया जाएगा। किसान जिस वाहन में सरसों लेकर आएंगे, उस पर नंबर प्लेट लगी होनी आवश्यक है। अन्यथा गेटपास जारी नहीं किया जाएगा। यह सभी नियम फसल खरीद में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लागू किए गए हैं। नई अनाज मंडी में 28 मार्च से सरसों खरीद शुरू होने की संभावना है। इस बार खरीद के दौरान पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अनेक नए नियम भी लागू किए जाएंगे। गौरतलब है कि गत वर्ष बाजरे की खरीद के दौरान टोकन व्यवस्था व फसल खरीद में अनियमितता पाई गई थी। जिसके चलते जिले की दो मंडियों के मार्केट कमेटी सचिव को निलंबित भी किया गया था। नई अनाज मंडी में टीन शेड, शौचालय व पानी की टंकी की सफाई का कार्य नहीं किया गया है। हालांकि अभी खरीद शुरू होने में करीब दो सप्ताह का समय शेष है। लेकिन अगर समय रहते सफाई कार्य नहीं किए तो किसानों को गत वर्ष की तरह परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।