जींद। जिला मुख्यालय स्थित न्यायिक परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की चेयरपर्सन पूनम सुनेजा की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में 17,558 मामले सुनवाई के लिए रखे गए। इनमें से 15,797 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। मामलों में कुल सात करोड़ 14 लाख 76 हजार 708 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ। लोक अदालत के लिए छह पीठों का गठन किया गया था। इनमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ गुप्ता, फैमिली कोर्ट की प्रधान न्यायाधीश कीर्ति जैन, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मोनिका, प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेश कौशिक, अभिषेक वर्मा तथा सफीदों के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित नैन की पीठ शामिल रही। बॉक्स इन मामलों का हुआ निपटारा लोक अदालत में मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित 50, हिंदू मैरिज एक्ट के 84, चेक बाउंस के 297, दीवानी मामलों के 377 और आपराधिक मामलों के 1648 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा बैंक लोन से संबंधित 11 मामलों का भी निपटारा हुआ। ई-लोक अदालत के माध्यम से दीवानी मामलों के 10 तथा धारा 138 एनआई एक्ट के छह मामलों का निस्तारण किया गया। ई-लोक अदालत के माध्यम से 86 लाख 18 हजार 402 रुपये की राशि प्राप्त हुई। बॉक्स आपसी सहमति से होता है विवादों का समाधान लोक अदालत लोगों को कम समय और कम खर्च में विवादों का समाधान उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। यहां मामलों का निपटारा आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से किया जाता है। इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होने के साथ आपसी संबंध भी बेहतर बने रहते हैं। बॉक्स तीन अक्तूबर को चेक बाउंस मामलों की विशेष लोक अदालत अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी जसबीर ने बताया कि तीन अक्तूबर को चेक बाउंस (एनआई एक्ट) से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। उन्होंने संबंधित पक्षकारों, अधिवक्ताओं, बैंकों और वित्तीय संस्थानों से भाग लेकर मामलों का शीघ्र एवं सौहार्दपूर्ण समाधान कराने की अपील की।