विशिष्ट अतिथि नाबार्ड की मुख्य महाप्रबंधक निवेदिता तिवारी ने कहा कि युवाओं को डेयरी आधारित स्टार्टअप्स की ओर अग्रसर होना होगा। ऐसे आयोजन युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि नाबार्ड कई पायलट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। हमें ग्रामीण भारत को आगे बढ़ाना है तो खेती- पशुपालन को आगे बढ़ाना होगा। हम युवाओं को सबसे अधिक आर्थिक सहयोग करते हैं। हमने बड़ी संख्या में फार्मर प्रोडूसर आर्गेनाइजेशन बनाए हैं। जिनके जरिए नई तकनीकों को लागू करते हैं। डेयरी, फिशरीज, पोल्ट्री को बढ़ावा दे रहे हैं। आज के समय खेती को लेकर काफी चिंता है। क्लाइमेंट चेंज के चलते खेती पर हमें काफी संकट का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर हम डेयरी, फिशरीज, पोल्ट्री को साथ लेकर चलेंगे तो किसान को काफी हद तक बचा सकेंगे। हम एफपीओ को मार्केट से जोड़ रहे हैं। किसानों को अपने उत्पाद तैयार करने के साथ उनकी मार्केटिंग, पैकेजिंग पर भी काम करना होगा।उन्होंने कहा कि आज के समय महिलाएं हर क्षेत्र में आगे आ रही हैं। खेती में भी महिलाओं ने अपनी खास पहचान बनाई है। नाबार्ड की ओर से कृषि उद्यमी महिलाओं को सहयोग किया जा रहा है। उनके प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी जाती है। उनको पैसा देने के अलावा ट्रेनिंग भी दिलवाते हैं।