लघु सचिवालय कॉलोनी में कर्मचारी जर्जर आवासों में रह रहे हैं जिससे उनकी जिंदगी दांव पर लगी हुई है। बीएंडआर भी इन आवासों को जर्जर घोषित कर चुका है। मगर जिला प्रशासन इस तरफ ध्यान भी नहीं दे रहा है। वहीं बारिश के बाद इन आवासों में रहना और भी खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी जर्जर घोषित किए जा चुके मकानों में परिवार सहित रह रहे हैं। लघु सचिवालय कॉलोनी का निर्माण हुए 40 से ज्यादा साल हो चुके हैं। इसमें अलग-अगल कैटेगरी के करीब 300 आवास बने हुए हैं। इन आवासों में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर प्रथम श्रेणी अधिकारी तक रह रहे हैं। 96 आवास किए घोषित बीएंडआर की तरफ से इस कॉलोनी के 96 आवासों को जर्जर घोषित किया जा चुका है। जिन आवासों को जर्जर घोषित किया गया हैं, ये चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के हैं। बीएंडआर की तरफ से जिला प्रशासन को इन आवासों को जर्जर किए जाने का नोटिस भी दिया जा चुका है। इस नोटिस के माध्यम से विभाग ने बताया है कि ये आवास अब रहने लायक नहीं हैं और अब इनकी मरम्मत भी नहीं करवाई जाएगी। मगर अभी भी इन आवासों में कर्मचारी अपने परिवार के साथ रह रहे हैं।