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हांसी में जाट आरक्षण की फिर उठी हुंकार, सरकार को आंदोलन की चेतावनी

Naveen Updated Tue, 01 Sep 2026 02:45 PM IST

हांसी की जाट धर्मशाला में मंगलवार को जाट समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 13 सितंबर को पेटवाड़ गांव में शहीद सुनील श्योराण का 16वां शहीदी दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान जिले के सभी गांवों से अधिक से अधिक संख्या में जाट समाज के लोगों के पहुंचने का आह्वान किया गया। बैठक में शहीद सुनील श्योराण की शहादत को याद करते हुए 13 सितंबर को पेटवाड़ में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बता दें कि 13 सितंबर 2010 को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मय्यड़ गांव में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ टकराव में सुनील श्योराण को गोली लगी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद से हर साल 13 सितंबर को उनकी स्मृति में शहीदी दिवस मनाया जाता है। बैठक के दौरान जाट नेताओं ने सत्ताधारी पार्टियों में शामिल जाट नेताओं पर भी निशाना साधा। नेताओं ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दलों के जाट नेता समाज के बीच तो जाट होने की बात करते हैं, लेकिन जाट आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के सामने मजबूती से अपनी बात नहीं रखते और आरक्षण की सिफारिश नहीं करते। इन नेताओं का हम विरोध करेंगे। बैठक में केंद्र और हरियाणा सरकार से जाट समाज को ओबीसी आरक्षण देने की मांग को लेकर भविष्य में आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई। जाट नेताओं ने समाज को एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने पर जोर दिया। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप दहिया ने कहा कि केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार से जाट समाज को ओबीसी में आरक्षण देने की मांग लगातार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांग पूरी नहीं की तो आने वाले चुनावों में जाट समाज वोट की चोट करेगा। वहीं जाट आरक्षण संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष हरियाणा बलवान सुंडा ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग को लेकर समाज एक बार फिर लामबंद हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि जल्द मांग पूरी नहीं की तो समाज को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष गंगाराम ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जाट समाज को ओबीसी आरक्षण सहित अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी इन वादों को पूरा नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जाट समाज को बरगलाया है। खाप प्रवक्ता कार्यक्रम आयोजक मास्टर फूल कुमार सतरोल ने बताया कि जाट नेताओं ने कहा कि शहीद सुनील श्योराण की शहादत जाट आरक्षण आंदोलन के इतिहास का अहम अध्याय है और उनके शहीदी दिवस पर समाज को एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए। बैठक में नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जाट समाज की आरक्षण की मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ी तो धरना-प्रदर्शन और रोड जाम जैसे कदम भी उठाए जाएंगे। जाट नेताओं ने दो टूक कहा कि हमें हमारा हक देना होगा। उनका कहना है कि आरक्षण की मांग को लेकर आने वाले दिनों में जाट समाज को बड़े स्तर पर संगठित किया जाएगा। जाट नेताओं ने कहा कि समाज ने इन नेताओं को राजनीतिक ताकत दी है, लेकिन जब जाट समाज के हक की बात आती है तो ये नेता चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले समय में ऐसे नेताओं का राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध किया जाएगा।

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