जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के जिला फतेहाबाद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और किसानों की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में नाममात्र की बढ़ोतरी के विरोध में जेजेपी नेताओं ने रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित एक ज्ञापन फतेहाबाद के अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अनुराग ढालिया को सौंपा गया। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जेजेपी के जिला अध्यक्ष रविंद्र बेनीवाल ने किया, जिसमें पार्टी के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। गेहूं एमएसपी में वृद्धि पर सवाल प्रदर्शन के दौरान जेजेपी के वरिष्ठ नेता कुलजीत कुलडिय़ा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में केवल 25 रुपये प्रति क्विंटल की मामूली बढ़ोतरी की गई है, जो किसानों के लिए अपर्याप्त है। जेजेपी नेताओं ने मांग की है कि बढ़ती महंगाई के अनुपात में गेहूं के समर्थन मूल्य में कम से कम 200 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की जाए। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि डीजल, खाद, कीटनाशक और कृषि उपकरणों की बढ़ती कीमतों के बीच गेहूं के दाम में इतनी कम वृद्धि किसानों के साथ मजाक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वर्तमान सरकार किसानों के हितों की रक्षा नहीं कर रही है। जेजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया और एमएसपी में उचित बढ़ोतरी नहीं की, तो पार्टी किसानों के हक की लड़ाई सड़कों पर लड़ेगी। मतदाता सूची पुनरीक्षण पर भी उठाए सवाल किसानों के मुद्दों के साथ-साथ, जेजेपी नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर भी सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के नाम पर सुनियोजित तरीके से पात्र मतदाताओं के वोट काटे जा रहे हैं, जिससे आम जनता में भारी रोष है।